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दोषी समाचार जीवन hindikavita शोषण जीना #बेचैन कर है रही ये बारिशें पिसता रही है मैदानों उकता सिखा मेरे किसान है मुझे अच्छी कविता निवाला देश पछाड़ हिन्दीकविता

Hindi घुट-घुट कर जीना है Poems